आज भी…

शहर के उस पुराने मकान में

कोई रहता है आज भी

उस फकीर के मकबरे में

दीया जलता है आज भी

यूँ तो जमाना बदलता रहता है

कल भी बदला था

वो बदलता है आज भी

इस जमाने की तूफानी हवाओं का सामना

मेरी जिंदगी का दीया करता है आज भी

आज भी परवाने शम्मा की राह पर

जलकर मर जाते हैं

हर गली हर शहर से

मोहब्बत का जनाजा निकलता है आज भी

आज भी रात ख्वाब दिखाकर

तोड दिया करती है

इस अंधी दुनिया को रोशनी देने

सूरज निकलता है आज भी

आज भी किसी की नजर

तकती है एक बेजान से रस्ते को

किसी के दिल से सर्द आह

निकलती है आज भी

शहर के उस पुराने मकान में

कोई रहता है आज भी….|

रात भर!

सितारों भरी रात और समां कुछ वीराना था

मेरी मय्यत पर वो दीए जलाते रहे रात भर,

उनकी खामोश निगाहें कुछ नम सी थीं,

हम भी रोते रहे और वो रुलाते रहे रात भर,

जुदाई का असर कुछ यू़ं हुआ हमारे ऊपर

हम आए नहीं और वो बुलाते रहे रात भर,

खुदा गवाह था हमारी वफा-ए-मोहब्बत का शायद

अपनी वफाओं का सिला मांग, हम भी उन्हें सताते रहे रात भर

उनकी आखों में इक टूटा ख्वाब झलकता है आज

हम उन्हें नए ख्वाब दिखाते रहे रात भर,

रात भर हम तारों से भरे आसमां को तकते रहे,

वो हमें और हम उन्हें जगाते रहे रात भर !

NOTE TO SELF

Dear Me,

Its been quite a time that we’ve been travelling this journey called “Life”. In all these years we learnt a lot, gained experience, matured and overall enjoyed ourselves. There had been tough times to face as well, but since we’re inseparable, we faced it all.
In all these years, I’ve never really worked upon the reason for my existence. My studies, career or anything that I’ve learned so far, never taught me to find my own self, though it did help me to find the various things that existed in the world and the reason why they are so. But it failed to help me understand, “Why I am the way I am.”

Being a person who doesn’t believe in making resolutions ( maybe because we can’t keep it for long) I have never waited for a new year to begin so that I can make a positive change in myself. But today it’s different. As a new calendar has commenced from today, I want to thank you for all the experiences that we’ve shared, no matter whether they were good or bad and at the same time, I want to resolve that from now on “My dear ME” you HAVE to give sometime to yourself. People call it “ME time” and I think its good to reconnect with your inner self. I need to know “Who I really am” and am sure this “Me Time” will surely help me to understand things in a better way.